भक्तिन पाठ के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर (Bhaktin Important Questions)

भक्तिन पाठ के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर | Bhaktin Important Questions | कक्षा 12 हिंदी

नमस्ते विद्यार्थियों! ‘हिंदी की पाठशाला’ में आपका स्वागत है। इस लेख में, हम कक्षा 12 हिंदी ‘आरोह भाग-2’ के पाठ ‘भक्तिन’ से परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर (Important Questions) का संग्रह प्रदान कर रहे हैं। यह भक्तिन पाठ के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर (Bhaktin Important Questions) आपकी परीक्षा की तैयारी के लिए बहुत उपयोगी हैं।

पाठ अवलोकन

विवरणजानकारी
पाठ का नामभक्तिन
लेखिका महादेवी वर्मा
विधा संस्मरणात्मक रेखाचित्र
संग्रह ‘स्मृति की रेखाएँ’ से संकलित

बहुचयनात्मक प्रश्न (MCQ)

1. भक्तिन का वास्तविक नाम क्या था?

(अ) गौरा
(ब) लछमिन
(स) निर्मला
(द) सोना

2. भक्तिन को ‘भक्तिन’ नाम किसने दिया था?

(अ) उसकी सास ने
(ब) उसके पति ने
(स) महादेवी वर्मा ने
(द) गाँव की पंचायत ने

3. ‘तीरथ गए मुँडाए सिद्ध’ यह कहकर भक्तिन ने किस बात को सही ठहराया?

(अ) तीर्थ यात्रा पर जाने को
(ब) अपना सिर मुंडवाने को
(स) पैसे छिपाकर रखने को
(द) लेखिका की सेवा करने को

4. भक्तिन का विवाह किस गाँव में हुआ था?

(अ) हँडिया
(ब) झूसी
(स) प्रयाग
(द) कनोजी

5. भक्तिन का गौना किस आयु में हुआ था?

(अ) पाँच वर्ष
(ब) नौ वर्ष
(स) ग्यारह वर्ष
(द) उन्तीस वर्ष

अति लघुत्तरात्मक प्रश्न (उत्तर सीमा 20 शब्द)

प्रश्न 1: भक्तिन के पति का देहांत किस आयु में हुआ था?

उत्तर: भक्तिन के पति का देहांत छत्तीस वर्ष (36) की आयु में हुआ था।

प्रश्न 2: भक्तिन, लेखिका के इधर-उधर पड़े पैसों को कहाँ छिपा देती थी?

उत्तर: भक्तिन, लेखिका के इधर-उधर पड़े पैसों को उठाकर भंडार-घर की मटकी में छिपा देती थी।

प्रश्न 3: भक्तिन गाँव छोड़कर शहर क्यों आ गई थी?

उत्तर: लगान न चुका पाने के कारण ज़मींदार द्वारा दिन भर धूप में खड़ा रखने के अपमान से दुखी होकर भक्तिन कमाई करने के विचार से शहर आ गई थी।

प्रश्न 4: भक्तिन, लेखिका द्वारा पुकारे जाने पर क्या कहकर उत्तर देती थी?

उत्तर: भक्तिन, लेखिका द्वारा पुकारे जाने पर ‘जी’ कहने के शिष्टाचार की जगह ‘आँय’ कहकर उत्तर देती थी।

प्रश्न 5: भक्तिन के जीवन का परम कर्तव्य क्या था?

उत्तर: भक्तिन के जीवन का परम कर्तव्य अपनी मालकिन (महादेवी वर्मा) को हर प्रकार से प्रसन्न रखना था।

प्रश्न 6: भक्तिन की सास ने उसे पिता की मृत्यु का समाचार देर से क्यों दिया?

उत्तर: भक्तिन की सास ने रोने-पीटने के अपशकुन से बचने के लिए उसे पिता की मृत्यु का समाचार नहीं बताया और बहाने से मायके भेज दिया।

लघुत्तरात्मक प्रश्न (उत्तर सीमा 40 शब्द)

प्रश्न 1: लेखिका के अनुसार भक्तिन के जीवन के दूसरे परिच्छेद में भी सुख की अपेक्षा दुःख अधिक क्यों था?

उत्तर: क्योंकि भक्तिन ने एक के बाद एक तीन बेटियों को जन्म दिया। इस कारण उसे पुत्र महिमा में अंधी अपनी सास और जिठानियों की उपेक्षा और घृणा सहनी पड़ती थी। घर का सारा काम करने पर भी उसे और उसकी बेटियों को रूखा-सूखा भोजन मिलता था।

प्रश्न 2: ‘खोटे सिक्कों की टकसाल’ का क्या अर्थ है? यह किसके लिए कहा गया?

उत्तर: ‘खोटे सिक्कों की टकसाल’ का अर्थ है ‘बेकार समझी जाने वाली बेटियों को जन्म देने वाली’। यह व्यंग्यात्मक उक्ति समाज द्वारा भक्तिन के लिए कही गई थी, क्योंकि उसने बेटों की जगह तीन बेटियों को जन्म दिया था, जिन्हें समाज ‘खोटा सिक्का’ समझता था।

प्रश्न 3: लेखिका ने भक्तिन को ‘हनुमान जी से स्पर्धा करने वाली’ क्यों कहा है?

उत्तर: लेखिका ने ऐसा भक्तिन की अनन्य और निस्वार्थ सेवा-भावना के कारण कहा है। जिस प्रकार हनुमान जी बिना किसी स्वार्थ के राम की सेवा में समर्पित थे, उसी प्रकार भक्तिन भी अपनी मालकिन महादेवी की सेवा में पूरी तरह समर्पित थी।

प्रश्न 4: भक्तिन की बेटी के विवाह के संबंध में पंचायत ने क्या फैसला सुनाया और क्यों?

उत्तर: पंचायत ने फैसला सुनाया कि भले ही दोनों में से कोई एक सच्चा हो या दोनों झूठे, पर जब वे एक कोठरी से निकले हैं तो उनका पति-पत्नी के रूप में रहना ही कलियुग के दोष का परिमार्जन कर सकता है। यह फैसला समाज की पुरुषवादी सोच को दर्शाता है।

प्रश्न 5: लेखिका और भक्तिन के बीच सेवक-स्वामी का संबंध है, यह कहना कठिन क्यों है?

उत्तर: यह कहना इसलिए कठिन है क्योंकि न तो स्वामी (महादेवी) इच्छा होने पर सेवक (भक्तिन) को हटा सकती थीं, और न ही सेवक (भक्तिन) आदेश पाकर अवज्ञा से हँस देती थी। भक्तिन लेखिका के जीवन का एक अनिवार्य और आत्मीय हिस्सा बन चुकी थी।

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न (उत्तर सीमा 60-80 शब्द)

प्रश्न 1: भक्तिन के चरित्र की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर: भक्तिन के चरित्र में कई विशेषताएँ थीं। वह एक दृढ़-संकल्प और स्वाभिमानी महिला थी, जिसने पति की मृत्यु के बाद भी अपनी संपत्ति की रक्षा के लिए संघर्ष किया। वह कर्मठ और परिश्रमी थी। उसमें अटूट सेवा-भावना थी, जिसे लेखिका ने हनुमान जी की सेवा से तुलना की है। वह देहाती होते हुए भी तर्कशील थी और अपनी बातों (जैसे सिर मुंडवाना) को शास्त्र के मनमाने तर्कों से सही ठहरा देती थी। वह अपनी मालकिन के प्रति गहरी आत्मीयता रखती थी और उनके साथ जेल जाने तक को तैयार थी।

प्रश्न 2: ‘भक्तिन अच्छी है, यह कहना कठिन होगा, क्योंकि उसमें दुर्गुणों का अभाव नहीं।’ लेखिका ने ऐसा क्यों कहा? सोदाहरण स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: लेखिका ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि भक्तिन में अच्छाइयों के साथ-साथ कुछ मानवीय कमजोरियाँ भी थीं। वह सत्यवादी हरिश्चंद्र नहीं थी और अपनी मालकिन को नाराज होने से बचाने के लिए बातों को ‘इधर-उधर करके’ बताती थी, जिसे वह झूठ नहीं मानती थी। वह लेखिका के इधर-उधर पड़े पैसों को उठाकर मटकी में छिपा देती थी और इसे ‘चोरी’ न मानकर ‘सँभालकर रखना’ कहती थी। वह अपने हर काम को सही ठहराने के लिए शास्त्रों की मनमानी व्याख्या कर लेती थी, जैसे ‘तीरथ गए मुँडाए सिद्ध’ कहकर अपने सिर मुंडवाने को सही ठहराना।

प्रश्न 3: महादेवी वर्मा के पास आने से पहले भक्तिन के जीवन के संघर्षों का वर्णन कीजिए।

उत्तर: महादेवी के पास आने से पहले भक्तिन का जीवन संघर्षों से भरा था। बचपन में ही माँ की मृत्यु और विमाता का दुर्व्यवहार सहा। 5 वर्ष में विवाह और 9 वर्ष में गौना हो गया। ससुराल में तीन बेटियों को जन्म देने के कारण सास-जिठानियों की उपेक्षा सही। 29 वर्ष की आयु में पति की मृत्यु हो गई, जिसके बाद परिवार वालों ने उसकी संपत्ति हड़पने की कोशिश की। उन्होंने भक्तिन की विधवा बेटी का विवाह जबरदस्ती अपने तीतरबाज साले से करा दिया। इसी दामाद के कारण घर-गृहस्थी उजड़ गई और लगान न चुका पाने पर जमींदार ने उसे अपमानित किया, जिस कारण उसे गाँव छोड़ना पड़ा।

प्रश्न 4: ‘भक्तिन’ पाठ के आधार पर तत्कालीन समाज में स्त्रियों की दशा पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: ‘भक्तिन’ पाठ से पता चलता है कि उस समय का समाज पुरुष-प्रधान (पितृसत्तात्मक) था। स्त्रियों की दशा दयनीय थी। बेटियों को ‘खोटा सिक्का’ माना जाता था और बेटे की चाहत में बेटियों को जन्म देने वाली माँ (भक्तिन) को उपेक्षा सहनी पड़ती थी। छोटी उम्र में (बाल विवाह) लड़कियों की शादी कर दी जाती थी। विधवा स्त्रियों (भक्तिन और उसकी बेटी) को संपत्ति हड़पने के लिए परेशान किया जाता था और उनके पुनर्विवाह के फैसले भी पुरुष (पंचायत) ही अपनी मर्जी से थोप देते थे। स्त्रियों को अपनी बात कहने या अपने अधिकारों के लिए लड़ने का अवसर नहीं दिया जाता था।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

यह संग्रह विशेष रूप से RBSE और अन्य बोर्ड परीक्षाओं के पैटर्न (MCQ, लघु, दीर्घ प्रश्न) के आधार पर तैयार किया गया है। इससे आपको यह समझने में मदद मिलती है कि परीक्षा में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं और उनका सटीक उत्तर कैसे लिखना है।

भक्तिन के ‘चरित्र की विशेषताएँ’ और ‘लेखिका के साथ उसके सेवक-स्वामी संबंध’ को स्पष्ट करने वाले प्रश्न आमतौर पर दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में सबसे महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसके अतिरिक्त, ‘भक्तिन का वास्तविक नाम’ और ‘सिर मुंडवाने’ वाले प्रसंग भी अक्सर पूछे जाते हैं।

भक्तिन महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर PDF (Download)

विद्यार्थियों की सुविधा के लिए, हमने ‘भक्तिन’ पाठ के सभी महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर को एक PDF फाइल में संकलित किया है।

(इस PDF में आपको पाठ का सारांश, लेखक परिचय और MCQ भी बोनस के तौर पर मिलेंगे।)

यह लेख कक्षा 12 हिंदी ‘भक्तिन’ के लिए एक संपूर्ण भक्तिन पाठ के महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर (Bhaktin Important Questions) गाइड है। इसमें RBSE परीक्षा पैटर्न के अनुसार सभी प्रकार के प्रश्न (MCQ, अति लघु, लघु और दीर्घ) शामिल हैं।

हम आशा करते हैं कि ‘भक्तिन’ पाठ के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर का यह संग्रह आपकी परीक्षा की तैयारी में मदद करेगा। इन प्रश्नों का अभ्यास करके आप परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त कर सकते हैं।

‘भक्तिन’ पाठ के अन्य संसाधन पढ़ें

इस लेख को साझा करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *