हजारी प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय कक्षा 12-Hazari Prasad Dwivedi Ka Jeevan Parichay class12

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म सन् 1907 ई. में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के आरत दूबे का छपरा गांव में हुआ था। आपने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की तथा गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर के निमंत्रण पर शांति-निकेतन में हिंदी भवन के निदेशक के रूप में सेवाएं दी।

राजस्थान बोर्ड परीक्षा कक्षा 12 अनिवार्य हिंदी के पेपर में एक प्रश्न लेखक अथवा कवि परिचय का आता है। इस पोस्ट में हम हजारी प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय (Hazari prasad dwivedi ka jeevan parichay) लिखना सीखेंगे। कवि अथवा लेखक परिचय को चार से पांच बिंदुओं में विभाजित करके लिखना चाहिए।पहला बिंदु प्रारंभिक जीवन या जीवन परिचय का लिखना चाहिए।दूसरा बिंदु साहित्यिक परिचय का लिखना चाहिए।तीसरा बिंदु प्रमुख रचनाओं का लिखना चाहिए। प्रमुख रचनाओं वाले बिंदु को भी उप बिंदुओं में विभाजित करके लिखना चाहिए जैसे काव्य संग्रह,कहानी संग्रह,निबंध संग्रह,उपन्यास आदि। पांचवां बिंदु भाषा-शैली का लिखना चाहिए। इनके अलावा अपने विवेक से अन्य बिंदु भी लिखे जा सकते हैं।जैसे प्रमुख सम्मान और पुरस्कार वाला बिंदु भी लिख सकते है।

आइये अब हम (Hajari prasad dwivedi ka jeevan parichay) हजारी प्रसाद का जीवन परिचय लिखना सीखते हैं।

Hazari prasad dwivedi ka jeevan parichay

हजारी प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय
Hazari prasad dwivedi ka jeevan parichay

हजारी प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय Hazari prasad dwivedi ka jeevan parichay

 

जीवन परिचय

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म सन् 1907 ई. में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के आरत दूबे का छपरा गांव में हुआ था। आपने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की तथा गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर के निमंत्रण पर शांति-निकेतन में हिंदी भवन के निदेशक के रूप में सेवाएं दी।

साहित्यिक परिचय

 आपका अध्ययन क्षेत्र अत्यंत व्यापक था।आप संस्कृत,प्राकृत,अपभ्रंश आदि भाषाओं तथा इतिहास,संस्कृति,दर्शन,ज्योतिष और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान आदि में विशेष दक्षता रखते थे। निबंध और आलोचना के क्षेत्र में आपका विशेष महत्व है।

प्रमुख रचनाएं

(i)निबंध संग्रह

कल्पलता,अशोक के फूल,कुटज,आलोक पर्व,विचार और वितर्क,विचार-प्रवाह आदि

(ii) उपन्यास

बाणभट्ट की आत्मकथा,चारुचंद्र लेख,पुनर्नवा, अनामदास का पोथा आदि।

(iii) आलोचना

सूर साहित्य,कबीर,नाथ संप्रदाय,हिंदी साहित्य की भूमिका,हिंदी साहित्य का आदिकाल आदि।

पुरस्कार व सम्मान

पद्म भूषण(1957),टैगोर पुरस्कार(1966) और आलोक पर्व निबंध संग्रह के लिए वर्ष 1973 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

निधन

सन् 1979 में दिल्ली।

आशा है आप हजारी प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय
(Hazari prasad dwivedi ka jeevan parichay )
लिखना सीख गये होंगे। इसी तरह की अध्ययन सामग्री पढ़ने के लिए ‘हिंदी की पाठशाला’ के साथ बने रहे।
अन्य लेखक /कवि परिचय
जैनेन्द्र कुमार
फ़िराक गोरखपुरी
महादेवी वर्मा
FAQs
प्रश्न 1 आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय कैसे लिखें?

राजस्थान बोर्ड परीक्षा कक्षा 12 अनिवार्य हिंदी के पेपर में एक प्रश्न लेखक अथवा कवि परिचय का आता है। इस पोस्ट में हम हजारी प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय (Hazari prasad dwivedi ka jeevan parichay)

लिखना सीखेंगे। कवि अथवा लेखक परिचय को चार से पांच बिंदुओं में विभाजित करके लिखना चाहिए।पहला बिंदु प्रारंभिक जीवन या जीवन परिचय का लिखना चाहिए।दूसरा बिंदु साहित्यिक परिचय का लिखना चाहिए।तीसरा बिंदु प्रमुख रचनाओं का लिखना चाहिए। प्रमुख रचनाओं वाले बिंदु को भी उप बिंदुओं में विभाजित करके लिखना चाहिए जैसे काव्य संग्रह,कहानी संग्रह,निबंध संग्रह,उपन्यास आदि। पांचवां बिंदु भाषा-शैली का लिखना चाहिए। इनके अलावा अपने विवेक से अन्य बिंदु भी लिखे जा सकते हैं।जैसे प्रमुख सम्मान और पुरस्कार वाला बिंदु भी लिख सकते है।

आइये अब हम (Hajari prasad dwivedi ka jeevan parichay) हजारी प्रसाद का जीवन परिचय लिखना सीखते हैं।

उत्तर- हजारी प्रसाद द्विवेदी की प्रमुख रचनाएं है-

(i)निबंध संग्रह- कल्पलता,अशोक के फूल,कुटज,आलोक पर्व,विचार और वितर्क,विचार-प्रवाह आदि

(ii) उपन्यास-बाणभट्ट की आत्मकथा,चारुचंद्र लेख,पुनर्नवा, अनामदास का पोथा आदि।

(iii) आलोचना-सूर साहित्य,कबीर,नाथ संप्रदाय,हिंदी साहित्य की भूमिका,हिंदी साहित्य का आदिकाल आदि।

हजारी प्रसाद द्विवेदी की भाषा खड़ी बोली हिंदी थी।

उत्तर- हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म सन् 1907 ई. में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के आरत दूबे का छपरा गांव में हुआ था।

उत्तर – शिरीष के फूल रचना आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की है। यह निबंध कल्पलता निबंध संग्रह में संकलित है।

उत्तर- शिरीष के फूल निबंध से विपरीत परिस्थिति में संघर्ष करने की हिम्मत रखने की शिक्षा मिलती है।जिस प्रकार भयंकर गर्मी,लू और वर्षा में भी शिरीष का पेड़ हराभरा और फूलों से लदा रहता है उसी प्रकार हमें भी कठिन समय में संघर्ष करते रहना चाहिए।

राजस्थान बोर्ड परीक्षा कक्षा 12 अनिवार्य हिंदी के पेपर में एक प्रश्न लेखक अथवा कवि परिचय का आता है। इस पोस्ट में हम हजारी प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय (Hazari prasad dwivedi ka jeevan parichay)

लिखना सीखेंगे। कवि अथवा लेखक परिचय को चार से पांच बिंदुओं में विभाजित करके लिखना चाहिए।पहला बिंदु प्रारंभिक जीवन या जीवन परिचय का लिखना चाहिए।दूसरा बिंदु साहित्यिक परिचय का लिखना चाहिए।तीसरा बिंदु प्रमुख रचनाओं का लिखना चाहिए। प्रमुख रचनाओं वाले बिंदु को भी उप बिंदुओं में विभाजित करके लिखना चाहिए जैसे काव्य संग्रह,कहानी संग्रह,निबंध संग्रह,उपन्यास आदि। पांचवां बिंदु भाषा-शैली का लिखना चाहिए। इनके अलावा अपने विवेक से अन्य बिंदु भी लिखे जा सकते हैं।जैसे प्रमुख सम्मान और पुरस्कार वाला बिंदु भी लिख सकते है।

आइये अब हम (Hajari prasad dwivedi ka jeevan parichay) हजारी प्रसाद का जीवन परिचय लिखना सीखते हैं।

उत्तर- हजारी प्रसाद द्विवेदी की प्रमुख रचनाएं है-

(i)निबंध संग्रह- कल्पलता,अशोक के फूल,कुटज,आलोक पर्व,विचार और वितर्क,विचार-प्रवाह आदि

(ii) उपन्यास-बाणभट्ट की आत्मकथा,चारुचंद्र लेख,पुनर्नवा, अनामदास का पोथा आदि।

(iii) आलोचना-सूर साहित्य,कबीर,नाथ संप्रदाय,हिंदी साहित्य की भूमिका,हिंदी साहित्य का आदिकाल आदि।

हजारी प्रसाद द्विवेदी की भाषा खड़ी बोली हिंदी थी।

उत्तर- हजारी प्रसाद द्विवेदी का जन्म सन् 1907 ई. में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के आरत दूबे का छपरा गांव में हुआ था।

उत्तर – शिरीष के फूल रचना आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की है। यह निबंध कल्पलता निबंध संग्रह में संकलित है।

उत्तर- शिरीष के फूल निबंध से विपरीत परिस्थिति में संघर्ष करने की हिम्मत रखने की शिक्षा मिलती है।जिस प्रकार भयंकर गर्मी,लू और वर्षा में भी शिरीष का पेड़ हराभरा और फूलों से लदा रहता है उसी प्रकार हमें भी कठिन समय में संघर्ष करते रहना चाहिए।

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